L libralsoul en July 23, 2025 रे ज़माना। हम जमीं के लाढले थे, ज़माने ने हमें लावारिश, ना जाने क्या-क्या कहांझांक के देखा ज़माने में तो जहां दफ़न हो रहा था जमीं में।©libralsoul