जबरदस्ती किसी को बांध कर रखना,
रिश्तों का दस्तूर नहीं होता।
रिश्ता तो वो होता है,
जिसमें जबरदस्ती का असूल ही नहीं होता।
जब मिली हो रूह से रूह,
तो दूरियों का भी कोई मोल नहीं होता।
बातें करती हैं दो रूहें आपस में,
वट्सअप, फेसबुक, इंस्टा का भी सरूर नहीं होता।
©deeprichu
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