भाई-बहन के प्यार का बंधन,
कच्ची डोर में बंधे बहन के प्यार का बंधन,
बहन की तपस्या से बने धागे का बंधन,
भाई के लिए तप, त्याग, प्रेम, सौहार्द
निष्ठा, आशीर्वाद, गौरव का बंधन,
इतनी सारी भावना के बदले भाई देता
केवल सिर्फ वचन,
तेरी हर खुशी के लिए लुटा दूंगा मैं
अपना तन मन धन,
बरसेगी आग तो मैं पानी बन जाऊंगा,
मारेगा कोई पत्थर तो ढाल बन जाऊंगा,
भक्षण करेगा जो तेरी भावना का,
मैं रक्षक बन जाऊंगा,
मेरे मन में इक प्रश्न उठ खड़ा होता है,
भाई से बहन को क्या खतरा होता है?
भाई से तो खुद की बहन रहती है सुरक्षित,
क्या उसी भाई के हाथों दूसरे की बहन है सुरक्षित ?
रक्षाबंधन के अवसर पर हरेक भाई को इक ओर प्रण उठाना होगा,
अपनी बहन और दूसरे की बहनों का भी सुरक्षा कवच बन जाना होगा,
विकास गर्ग
©vicky
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