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रंग

आज सब रंग बैरंग हो गए
जब उन्होंने कहा कि वो हमसे खफा हो गए
कुसुर हमारा ही रहा होगा
तभी तो उन्हें लगा होगा
कि मैं वो नहीं जिसकी उन्हें तलाश थी
एक समझदार हमसफ़र की उन्हें भी आस थी
माना कि मैं समझदार नहीं
माना कि मैं समझदार नहीं
पर क्या सच में मैं उनकी यादों के आस - पास भी नहीं?
क्या गज़ब की बात हुई
आज फिर से आंसुओं की बरसात हुई
ए फिकर तू बेफिक्र हो जा
अब परवाह किसे है तेरी
चल जो भी है एक बात तो तय हुई
तेरी अपनी कहानी की जहां से शुरुआत हुई
आज दफन वहीं हर बात हुई
गिला करना भी हो तो शिकवा ना करना
अब दिल लगाने कि खता ना करना
सच कहूं तो एक बात मान लेना
किसी को अपनाकर
खुद से जुदा ना करना
बहुत तकलीफ़ देती है ये बातें
एक पल के लिए भी चैन से जीने नहीं देती
जिस भ्रम में जी रहे थे हम आजतक
उसका भी आज भ्रम टूट गया
हमसे हमारा ही साथी हमेशा के लिए रूठ गया।।
©anvisha