Y your_rohit en July 23, 2025 रंग मुहब्बत के बहोत गहरे ना हुए, Mae तुम्हारा ना हुआ, तुम मेरे ना हुए… रंग मुहब्बत के बहोत गहरे ना हुए, Mae तुम्हारा ना हुआ, तुम मेरे ना हुए, “तुम्हारे बाद भी हर रोज़ निकला सूरज, तुम्हारे बाद मग़र फिर सवेरे ना हुए।©your_rohit