ये यादे हैं, ऐ मेरे हमनवा दस्तक तो देती होगी ,
आज नहीं तो कल उन गलियों में फिर मुलाकात तो होती होगी ।
कभी न कभी दिल के दरवाजो में फिर बरसात तो होती होगी।
भींगे का जब वो सक्स, आवाज़ तो देती होगी,
दिलो में जिंदा है ,अगर, आज भी तो रुकसत तो होती होगी ।
©sandeepgup
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