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रूबरू होने की तो छोड़िए लोग गुफ्तगू से भी कतराते है  गुरूर ओढे है रिश्ते अपनी…

रूबरू होने की तो छोड़िए लोग गुफ्तगू से भी कतराते है 
गुरूर ओढे है रिश्ते अपनी हैसियत पे इतराने लगे है 
©rohittiwar