S shaaya en July 23, 2025 साधारण मगर सशक्त हूँ.. अपने विश्वास पर अटल हूँ.. समझ आऊं कोई किताब नहीं, मैं… साधारण मगर सशक्त हूँ..अपने विश्वास पर अटल हूँ..समझ आऊं कोई किताब नहीं,मैं इंसान हूँ कोई खिताब नहीं!!©shaaya