अर्जुन की दशा देख श्री कृष्ण प्रभु बोले,
जीव और आत्मा के भेद सब खोले,
आत्मा ना जन्म ले कभी, देह जन्म है पाती,
आत्मा ना मरती कभी, देह मर है जाती,
जन्म लेता जो कभी, वो भी मर जाते,
मर जो जाते कभी, फिर से जन्म पाते,
शस्त्र से जो ना कट पाए, जले ना जलाए,
जल से ना भीगे कभी, सुखे ना सुखाए,
तेरी अन्दर बसा मैं हूँ अर्जुन भोले,
आत्मा में भी मै ही हूँ श्री कृष्ण बोले,
धर्मयुद्ध जो ना करता, वो पापी कहलाता,
योद्धा होकर युद्ध से भागे, वो अपयश पाता,
ऐसे अपयश से अच्छा मृत्यु का हौले,
अर्जुन की दशा श्री कृदेखष्ण प्रभु बोले,
विकास गर्ग
©vicky
V