A anraaz en July 23, 2025 साथ एक एक कर साथ छोड़ते गएजो दम भरते थे यारी का कसमें जो खाते थेउम्र भर साथ देने काएक ज़रा वक़्त क्या बदला उन्होंने तो वक़्त सेज़्यादा तेज़ अपना है रंग बदला#शायरांश©anraaz