A

Sayri

आज फरक नहीं पङता
तेरे दूर जाने से
अब डर नहीं लगता कोई गम आने से
तु करता था न कदर हमारी
अब हमने भी दूर कर दिया
तुतुझे अपने जमाने से
©anubhatt