D dheer.j en July 23, 2025 सब्र यह मेरा सब्र है कि मैं घर से निकलता ही नहीं तुम यह ना समझना कि मैं चलता ही नहीं एक आग है इश्क़ की, जो लगी हुई है अरसे सेउस आग में मगर मैं जलता ही नहीं . . . ©dheer.j