वह हर बार क्यों मेरे सब्र का इंतिहान लेते हैं, जैसे कि वह हमें जी कर मरने की सजा देते हैं, यह हम नहीं जानते कि उनके दिल में क्या है, पर कभी दिल सोचता है कि वह कितने नादान क्यों बन जाते हैं ,मेरी चाहत को समझते हुए भी अंजान बने रहना उनका, दिल ही दिल में बेचैनी को इस तरह बढ़ाना उनका, उनकी यह नादानी जान लेकर रहेगी हमारी ,उनसे क्या कहें वह इतने अजीज हैं हमें ,उन्हें देखकर सब कुछ भुला देना ,पर जब कभी इस बात की याद आती है हम खुद को नहीं रोक पाते ,कि उनके करीब कोई है ,इसे चाहे मेरी मोहब्बत समझो या मेरा दीवानापन उसे बस अपना देखना चाहते हैं,!😭
©pritis
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