A

शायद

न जाने क्यूं हूं मैं यूं बेकरार
ये बातें सताए मुझे बार-बार
ख़ुदको मैं करदू तुझी पे निसार
कहीं है हुआ तो नहीं मुझको प्यार
©arshika