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शायरी

कोन सा दिल कोन से लफ़्ज़ कोन सी आग
ओर कोन सा तीर ....
हम तो ऐसे बहते है इस ज़िंदगी में
जैसे हों कोई नदियाँ का नीर.....
🌹🌹
इतनी भी जल्दी क्या है रूठने की
किस्मत में तो तुम वैसे भी नहीं हो।
©wrter-abhi