V

शायरी

शायरी खुदकुशी का धंधा है,
अपनी ही लाश अपना ही कंधा है,
बेचता फिरता है आईने ,
शायर उस शहर में,
जहां एक नहीं पूरा शहर ही अंधा है|
विकास गर्ग
©vicky