V vikasgarg en July 23, 2025 शायरी शायरी खुदकुशी का धंधा है, अपनी ही लाश अपना ही कंधा है, बेचता फिरता है आईने ,शायर उस शहर में,जहां एक नहीं पूरा शहर ही अंधा है|विकास गर्ग©vicky