कहुँ हमसफर तुम्हें?कि मंज़िल कहुँ?
कहुँ मुहाफ़िज तुम्हें कि मुश्किल कहुँ?
कहुँ---------
कफस तेरी याद का!है ऐसा बिछा!
कहुँ सययाद तुम्हें कि बुलबुल कहुँ?
कहुँ--------
दूर रहते भी!इतनी पास हो क्यों?
कहुँ भूत तुम्हें कि मुस्तकबिल कहुँ?
कहुँ-------------
खुद सुलगाओ कभी!डालो पानी कभी!
कहुँ हमदर्द तुम्हें कि दर्देदिल कहुँ?
कहुँ-----------
दवा और सिवा!तेरी याद नहीं!
कहुँ शफा तुम्हें कि मर्ज़ेदिल कहुँ?
कहुँ-------------
©ramvir
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