Y yash.more en July 23, 2025 शेर उल्फत को चाहिए कि बेपनाह हो जाए।कोई हमको रोको हमसे ना ये गुनाह हो जाए।।खामियाजा भुगतेंगे किसी रोज़ इस हसरत का।तुम मुस्करा दो तो यही हमारी सज़ा हो जाए।।©yash.more