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शिक्षा

शिक्षा

शिक्षा के पंखों से उड़कर।

छू लूँ सपनों का संसार।।

दिव्य दीप सी रौशन होकर।

दूर करूँ तिमिर अंधकार।

शिक्षा की कुंजी से खोलूँ।

समस्त सफलताआें के द्वार।

जीत से जीतूँ , हार से सीखूँ।

हार-जीत का यही आधार।

मंत्र अमूल्य है , शिक्षा।

व्यक्तित्व विकास का है सार।

शिक्षा के पंखों से उड़कर।

छू लूँ सपनों का संसार।।

शिक्षा को बना हथियार।

अशिक्षा पर करूँ प्रहार।

दिनकर सी प्रकाशित होकर।

किरन बनूँ मै सुकुमार।

शिक्षा के पंखों से उड़कर।

छू लूँ सपनों का संसार।।

©mannjaisy