गण गण गनराया,
गजमुखा, श्री गनेशा,
मुझपर है आज तेरी कृपा।
हर संकट से तुने,
मुझे किया है किनारा,
दिया सहारा,बना आसरा,
एसा दीप तेरा।
तु ही सब संकट का,
विघ्नहर्ता, पालनकर्ता,
एकदंता,
तुझ बिन हमारा कौन सहारा।
गण गण गनराया,
गजमुखा, श्री गनेशा,
मुझपर है आज तेरी कृपा।
©poojathole
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