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शुरुवात

मैं ख़्वाब लिखुँ आगाज लिखुँ
मैं रास्ते लिखुँ मंजिल लिखुँ
लिखना ही तो, मैं किस किस को लिखुँ,
मैं परिंदे लिखुँ आकाश लिखुँ
मैं दीमक लिखुँ पूरी चट्टान लिखुँ
लिखना ही तो, मैं किस किस को लिखुँ,
मैं भोर लिखुँ कर्तव्य पथ लिखुँ
मैं सांझ लिखुँ घर की याद लिखुँ
लिखना ही तो, मैं किस किस को लिखुँ,
मैं चेतना लिखुँ सार लिखुँ
मैं आदि लिखुँ प्रवाह लिखुँ
लिखना ही तो, मैं किस किस को लिखुँ,
मैं ऊँचाई लिखुँ ध्वस्त बिम्ब लिखुँ
मैं वेश लिखुँ हर परछाई लिखुँ
हाँ लिखना ही तो, मैं सारा जहान लिखुँ |
©anjalibish