M myemotions en February 28, 2026 शून्यता शून्यताना कोई गांवना कोई भाव हृदय में रहती है खालीपन की छांवना जगत के दावना जगत के घाव धुंधली चादर से परे है वो,अथाहता में बहती नावजिसके ना होते हैं पाव ना दिशा का दरमियां जहां घटित होता है निरलिप्तता का ध्यान !!