M

"सिलसिला ए जीवन "

सिलसिला ए जीवन
भी बड़ा अजीब है
कभी उलझाता है कभी सुलझाता है
कभी गालियों में घुमाता है कभी एकांत में ले जाता है
कभी पानी संग बहाता है कभी पत्थर सा दृढ़ कर जाता है
कभी नीले आसमान सा हल्का बनाता है
तो कभी काले मेघा सा भारी कर जाता है
कभी नए पत्तों जैसी रंगीन पहलुओं की कतार जमाता है
तो कभी रंगहीन कर, सूखे पत्तों सा जमीन पर गिराता है
कभी पंख सी उड़ान दे जाता है
तो कभी हवा को थमा पंख मिट्टी में रौंद जाता है
इस अजीब दास्तान में भी बड़ा ग़ज़ब सन्दर्भ सिखाता है
हर बदलाव से मिलान कराता है
जीवन के ठहराव के विचार जगाता है
समस्त अनुभव दिखाता है
और छूटते अनुभव से अछूते हाथ भी दिखाता है
©myemotions