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सिलसिला उसकी खुशबू का

एक फूल खिला था
पल में टूट गया
सिलसिला उसकी खुशबू का
वहीं पर छूट गया
नादान, पागल, सिर फिरा, अलबेला
क्या कहें उसे???
जब उस से राबता ही टूट गया!!!
खवाब, मुहब्बत, जुनून, रुतबा
क्या करें इसका, जब
सब राह में लूट गया!!!!
©deeprichu