Y

sirf tu......

तेरे बिना बेकार मेरी....
हर सुबह, दोपहर, शाम है...
तेरे बिना इस दिल...
को कहा आराम है...
और जिसे मैंने खुद से भी ज्यादा चाहा है
सिर्फ तु ही वो एक इंसान है...!!
©rohittiwar