आज एक सितारा खो गया,
इस लिए धरती पे बारिश हो रही है।
आसमान में उसके स्वागत की तैयारियां हो रही है।
अपनी आंखों से ही बयान करता था,
बिमारी ने उसे जकड़ रखा था,
फिर भी वो लड रहा था।
खुदा का फरिशता था ,
जिंदगी के अलग अलग रंग देखें थे,
कुछ देखने बाकी थे,
वो उन्हें मुस्कान की स्याही से लिख रहा था।
उसकी आवाज में जादू था,
उसकी आंखें किसी दरिया से कम न थी,
युही नहीं दुनिया उसकी मुहब्बत में दिवानी थी।
हर किरदार को दिल से निभाता था।
आज जमीन रोयेगी,
आसमान में दिवाली होगी,
एक चमकता सितारा आसमान में शामिल होगा।
©urvi13
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