P

समंदर

मै हूं वाे "समंदर कि , लोग रोज़ मेरी गहराई नापने आते हैं ॆ
मै हूं वो समंदर" कि लोग रोज़ मेरी गहराई नापने
आते हैं
मिलता तो फिर भी "उनको "कुछ नही, मेरे बारे मे
और तमाशा रोज़ नया फैलाते हैं
©poojapal