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समय का पहलू

समय का पहलू
समय के शोर में तू क्यों होता विभोर ,
बांध ले ईश्वर से अपने मन की डोर ,
तो हो जाएगी तेरे समक्ष भोर ही भोर ,
और हृदय में चंद्र-सी शीतलता भरा नाचेगा मोर ,
कर ले जल्द इस बात पर गौर ,
क्योंकि यही है भीतर की शांति का छोर ,
समय के पक्ष में तू हो जाएगा कमजोर ,
इसलिए लगा दे ईश्वर की निष्पक्षता में लगा अब जोर ,
और करदे समर्पित अपना कोर कोर !!