S shivatomar en July 23, 2025 social pollution जिस जीव इंशान होकर भी भावना नही अपनत्व की। जिसमें कमी सदा ही रही सदभावना, सद व्रत्ति की। उसे सजा मिल जाएगी , उसके दूषित कृत्य की।©