V

सोया कर

हर चिंता ज़हन से मिटा के सोया कर।
तू ये सारी दुनिया भुला के सोया कर।
क्या खोया क्या पाया क्या ढूँढ रहा है।
भगवान को सब कुछ बता के सोया कर।
नींद भले कितनी ही गहरी हो जाये।
पर सपनों को जगा के सोया कर।
मखमली अहसास सोने नही देगा।
ज़मीन पर बिस्तर बिछा के सोया कर।
कल फिर से मुलाक़ात दुनिया से होगी।
आशा का ये चिराग जला के सोया कर।
दिए की लौ हर शाम बुझ ही जाती है।
एक आग सीने में लगा के सोया कर।
मशीनी दौर में अहसास न मर जाएँ।
दो चार आँसू भी बहा के सोया कर।
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©vikasgarg