A amrendraku en July 23, 2025 सफर जिंदगी की सफर में.रुक गया हु बिच डगर में.न कुछ पाने की चाह.न कुछ खोने का गम. बस जी रहा हूँइक इक दिन कम कर रहा हूँ.बहुत सपने संजोये थे मैंने.©amrendraku