गीत गाता मै गया
मुष्कुराता मै गया
हाथ उनका जो रहा
बस साथ निभाता मै गया
चल पड़ा इस राह पर
कुछ साथ चूठे थे मगर
कोशिश कुछ खास की
पर दिल दुखता मै गया
साथ आते थे मेरे ,
हर मोड़ पे थे जो खड़े
कुछ देर बाद मुझे छोड़ गए
मै हाथ बढ़ाता रह गया ।
गीत गाता मै गया
मुष्कुराता मै गया
कुछ खास थे , कुछ आम थे
कुछ के गलत अंजाम थे
कोई साथ नहीं कठिनाइयों में
पर हर कदम बढ़ता मै गया।
मै कह गया ,
मै कह गया
पर सह गया इस बात को
मन में छुपे जज़्बात को
आंख कभी जो नम हुई ,
पर गुनगुनाता मैं गया
बस गीत गाता मै गया
मुष्कुराता मै गया ।
©happyshubh
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