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🌹 सुगंध 🌹

इक सुंगध है तेरी सांसों में,बंदिशों कि अर्जी ख़ारिज हो गई है,
तेरे दिल कि ज़मीन पर है अब नमी,मुझको लगता है कि बारिश हो रही है।
🥀कवी:-अभय ना.ताकसांड़े🥀
©abhayt