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सूक्ष्म सिंचाई आज की जरूरत

हे भारत के वीर किसानों तुम्हे जगाने आया हूँ।
पानी की कीमत क्या होती तुम्हे बताने आया हूँ।।
आओ नए समय को देखो,बीते समय से सीखते जाओ।।
पानी पानी है त्राहिमाम, जीवन पर लग रहा विराम।
स्वच्छ जल के दोहन से हरियाली अब घटता जाए,
धरा धैर्य की बात न पूछो तापमान भी बढ़ता जाए।
प्रधानमंत्री कह रहे किले से अपनाओ तुम अब तो ड्रिप।
जल ही जीवन सबको देगी,इसको समझो मेरे मित्र।।
मुख्यमंत्री भी हुए निराश,जब देखे प्रकृति उदास।।
तब उसने फिर कदम उठाया,जल जीवन हरियाली लाया।।
हम धरती के मानव को गर, अगली पीढ़ी बचाना है।
बूंद-बूंद पानी को लेकर सबको साथ लाना है।
अगर यहाँ हम न सुधरे तो,विषम समय आ जायेगा,पानी- पानी हवा- हवा को त्राहिमाम हो जाएगा।।
एक मंत्र है इससे बचने का तो लेते हैं संकल्प।
घर घर जाकर ड्रिप लगाकर जल जीवन का करें विकल्प।।
विकास कुमार सिंह
प्रखंड उद्यान पदाधिकारी
(पश्चिम चंपारण)
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