ताज का रंग फीका पड़े जब टूरिस्ट देखने आते।
देख सड़क किनारे फटेहाल इंसा फोटो खींच ले जाते।
फोटो ले जाके दिखाये चमचमाते इंडिया की सच्चाई।
ठीक ही तो बतलाते भारतवासी बताओ क्या है बुराई।
बुराई तो इस व्यवस्था में जिससे बड़ी गरीबी दिन रात।
धनवान मंदिर में चढ़ावे, नेता बस हिलाये हाथ।।
हिला के हाथ भाषण में समझाए, देखो जी हैं खाली।
गरीबी है मेरी जरूरत, तुम बजाओ प्रेम से ताली।।
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©vikasgarg
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