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तारीफ

मेरी मोहब्बत का इम्तहान .....ना ले
किसी से है मोहब्बत पर हम उसका
नाम ........ना.... ......... ले
अब वे तो हमारे साथ है नहीं
वे तो हमारे दिल में है आखरी सास तक
वे चाहे कभी हमारा हॉल ले ना ले.....
©anraaz