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तड़प उठता हूँ मैं.....!!

बिछड़ के तुम से ज़िन्दगी सज़ा लगती है;यह साँस भी जैसे मुझ से ख़फ़ा लगती है;तड़प उठता हूँ दर्द के मारे मैं;ज़ख्मो को मेरे जब तेरे शहर की हवा लगती है।
©rohit123