P

तेरे दीवाने

हम क्यों इस तरह तेरे दीवाने हुए जाते हैं, लगता तो नहीं था हमें पर खुद से बेगानी हुए जाते हैं, जब छाया दिल पर तेरी चाहत का खुमार, हम तो बस तेरे और तेरे ही हुए जाते हैं, कभी दिल करता है घड़ी दो घड़ी तुमसे यूं ही बातें करें हम, या तुम से ही अनजाने में अपनी चाहत का इजहार करें हम ,मेरी यह दीवानगी देखकर नाराज ना होना तुम ,मेरी इन हसरतों की आस में तुम हो!
©pritis