Y your_rohit en July 23, 2025 तेरे गली कि हवा......!! जाने कभी गुलाब लगती हेजाने कभी शबाब लगती हेतेरी आखें ही हमें बहारों का ख्बाब लगती हेमें पिए रहु या न पिए रहु,लड़खड़ाकर ही चलता हुक्योकि तेरी गली कि हवा भी मुझे शराब लगती हे©rohit123