मन हृदय आत्मा...
शरीर का हर अंग
बेकरार हुआ जा रहा है
तेरे प्यार में...
जादू है तेरा व्यक्तित्व
अनुपम है तेरा सौंदर्य
अद्भूत है तेरी अदा
वार लगातार सहा जा रहा है
तेरे प्यार मे....
सोते बैठते जागते
सामने होती तेरी सूरत
लगन लगा बैठा हूं ऐसा
पूजता हूं मैं तेरी मूरत
दिल बार बार पुकारे जा रहा है
तेरे प्यार में......
न जमाने का डतर है
न अपनों की परवाह
रब ने बना दी तेरी मेरी
जोडी फिर क्यूं भरें आह
नशा बढता हीं जा रहा है
तेरे प्यार में....
©abhidilse
A