तेरे अरमानो का कत्ल कर में आबाद नही होना
इसी तरह होना हो ना आबाद तो में ऐसी आबादी नही
होना चाहता
गुनहा नही किया तुम से मोहोब्बत कर के
तेरी हुक़ूमत है अब भी है मुझ पर
तु चाहे तो आबाद कर या पूरी तरह बार्बाद कर
नही चाहिए तुम्हारे सिवा कुछ भी
चाहे क्यों पूरी दौलत बर्बाद कर
©deepakshar
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