A anusingh en July 23, 2025 तेरी मनमानी मेरी बात ही ऐसी है, दाल में जीरा जैसी है!आटा आटे में पानी ,ये है मेरी जुबानी!अब नहीं चलेगी तेरी मनमानी।©anusingh