तेरी मोहब्बत का असर
हम तुझसे कुछ यूँ मोहब्बत करने लगे,
कि ख़्वाबों में भी तेरा दीदार करने लगे।
तेरे इश्क़ में दिन रात सँवरने लगे,
खुद को तेरे इश्क़ में कुर्बान करने लगे।
तेरी ख़ुशबू से लम्हे भी महकने लगे,
तेरी बातों में खोकर हम बहकने लगे।
तेरी तस्वीर को सीने से यूँ लगाने लगे,
तेरी यादों में रोते-रोते मुस्कुराने लगे।
तुझे अपनी तक़दीर बताने लगे,
तेरी बाहों में सिमटने की चाह जताने लगे।
© विशाल सैनी