ऐ तिरंगा तू देश भक्तों इतना क्यों भाता है।
लिखना कुछ और चाहता हूँ मेरी कलम से इंकलाब लिख जाता है ।
जब बात होती है लिबाज़ों तो तेरा नाम पहले आता है ।
जो मिटजाते हैं तेरी खातिर इतिहास के पन्नों में उनका स्वर्णिम नाम आता है।
अपने खून को देकर भी तेरा नाम अमर कर जाता है ।
इतिहास प्रति क्षण , प्रति पल प्रति दिन उनको दोहराता है।
©shivatomar
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