S Santosh Kumar rahi en July 23, 2025 तलाश-ए-शुकून सुहानी रात है निंद सुहानी आएगी क्यातन्हाई अब मुझे नहीं तड़पाएगी क्यायादों के तारें आस्मां में नज़र आते हैंक्या तू भी आस्मां में नज़र आएगी क्या? ©anuragrahi