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तलाश-ए-शुकून

सुहानी रात है निंद सुहानी आएगी क्या
तन्हाई अब मुझे नहीं तड़पाएगी क्या
यादों के तारें आस्मां में नज़र आते हैं
क्या तू भी आस्मां में नज़र आएगी क्या?
©anuragrahi