S Santosh Kumar rahi en July 23, 2025 तलाश-ए-सुकून हम दिल्ली भी देख आए कोलकाता भी घुम आए,भाया नहीं मन कहीं यार मेरे तेरी गली तो तेरी गली है।ताजमहल भी देख आए मैदान-ए-विक्टोरिया भी घुम आए,सुकून नहीं कहीं तेरे दर जैसा यार मेरे तेरी गली तो तेरी गली हैं। ©anuragrahi