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तलाश-ए-सुकून

हम दिल्ली भी देख आए कोलकाता भी घुम आए,
भाया नहीं मन कहीं यार मेरे तेरी गली तो तेरी गली है।
ताजमहल भी देख आए मैदान-ए-विक्टोरिया भी घुम आए,
सुकून नहीं कहीं तेरे दर जैसा यार मेरे तेरी गली तो तेरी गली हैं।
©anuragrahi