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तो जी उठेंगे हम😎

तू जो अपने दर से एक ठोकर से नवाजे
तो जी उठेंगे हम
दर्द है जो असल जिंदगी का
उसे पी सकेंगे हम
दर-दर के भिखारी न सही फिर भी
भिखारी बनेगे हम
जो तुझ तक ले जाये फिर से एक दिन
उस पगडंडी की सवारी बनेगे हम
©deeprichu