अपने हाथों में एक कलम उठाना.....
सफेद कागज को मेज पर बिछाना...
अपने चेहरे की बनावट उसमें बनाना...
बालों की जड़ों से खुद को अपनी जड़ता याद दिलाना..
सिर पर करुणा और स्नेह का तिलक लगाना...
आंखों में दयालुता की चमक सजाना...
पलकों की टिमटिमाहट में बचपन दिखाना...
नाक पर शीतलता की मुहर लगाना...
गालों पर व्यक्तित्व की विशालता दर्शाना...
होठों पर मीठे वचनों का गीलापन दिखलाना...
दूसरों की खुशियों को मुस्कुराहट में सजाना...
चेहरे को मेहनत के रंगों से सुंदर बनाना...
कलम से सुंदर विचारों की कौनो पर बॉर्डर बनाना..
कलम को हाथों से कागज पर सरकाना..
अपनी आंखों में इस तस्वीर की दरी बिछाना..
और अपने सजाएं इस रूप को याद कर उस दरी पर ही सो जाना...
©myemotions
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