टूट गया एक और दिल
आँसू भी खूब बहे
नाजाने किस बात की सजा मिली
खवाब बस खवाब ही रहे
कहा था उसे मत बहक यूँ
खवाब पूरे नहीं होते, मगर वो नादान थे
बस बहकते ही रहे...
चल अब ला हिम्मत, उठ ,कर सामना
देख गम-ए-पैगाम आया है
देख उस ओर बिरानियाँ और उदासी ने
तुझे किस शौंक से बुलाया है....
आज एक और मेहरबानी
ग़ुलाम हो गयी
पाजेब थी किसी और की
पल में किसी और की शरेआम हो गयी
वादा किया था रौनक होने मेरी आँगन का
पल भर में मोहब्बत ही निलाम हो गई
कहा था मत कर कोई वादा, देख ले
आज उस वादे पर भी तेरी हस्ती निलाम हो गई...
©deeprichu
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