ये जिंदगी तु बेहत खुबसूरत है, पर तु
रुलाती बहुत है, कभी खुशीयों के फूल
बरसाती है, तो कभी गमो के बादल
दे जाती है, कभी अपनो को पराया, तो
कभी गैरों को अपना बनाती है, तु एक
सवाल है, या फिर खुद ही एक जवाब
क्या पता, पर तु जो भी है, ये जिंदगी तु
बेहत खुबसूरत है॥ 🌹
©banirai
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